वीमेन सेफ़्टी इंडिया
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आगे क्या होगा

यह याचिका सिर्फ़ हस्ताक्षरों पर नहीं रुकती। यहाँ बताया गया है कि आपका नाम कहाँ और कब भेजा जाएगा।

हम हस्ताक्षर कैसे गिनते हैं

हर फ़ोन नंबर या ईमेल एक ही बार हस्ताक्षर कर सकता है; डुप्लिकेट अपने-आप हटा दिए जाते हैं, भले ही अलग तरीके से लिखे गए हों। हर हस्ताक्षर एक स्वचालित बॉट जाँच से गुज़रता है। हम OTP नहीं भेजते, इसलिए कोई भी बिना किसी परेशानी के हस्ताक्षर कर सकता है। आपका विवरण केवल इस याचिका को प्रस्तुत करने के लिए इस्तेमाल होता है और किसी अन्य उद्देश्य के लिए कभी नहीं बेचा या साझा किया जाता। जो संख्या आप देखते हैं वह हर 45 सेकंड में अपडेट होती है।

हस्ताक्षर कहाँ जमा किए जाते हैं

यह याचिका किसे संबोधित है

केंद्र सरकार

प्रधानमंत्री · गृह मंत्री · कानून और न्याय मंत्री

संसद

लोकसभा और राज्यसभा की याचिका समितियाँ

हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश

मुख्यमंत्री · गृह विभाग

पुलिस, ज़्यादातर फ़ॉरेंसिक लैब और अस्पताल राज्य सरकारों के अधीन हैं, इसलिए हर राज्य को यह याचिका, उस राज्य के हस्ताक्षरों के साथ, भेजी जाती है।

जमा करने के पड़ाव

  1. 25 नव॰ 2026

    लैंगिक हिंसा के ख़िलाफ़ 16 दिनों का अभियान शुरू — देशव्यापी मुहिम

  2. तारीख़ की घोषणा बाकी

    किसी सांसद के ज़रिए संसद में याचिका प्रस्तुत (शीतकालीन सत्र)

  3. 10 दिस॰ 2026

    मानवाधिकार दिवस — हर मुख्यमंत्री को हस्ताक्षर प्रस्तुत

  4. 16 दिस॰ 2026

    निर्भया बरसी — केंद्र सरकार को हस्ताक्षर प्रस्तुत

  5. 15 जन॰ 2027

    बजट-पूर्व वित्त मंत्रालय को पत्र: फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों और फ़ॉरेंसिक लैब के लिए फ़ंडिंग

अभी याचिका पर हस्ताक्षर करें